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Gangubai Kathiawadi Teaser Review: भंसाली की पिछली फिल्मों के मुकाबले फीका निकला गंगूबाई का टीजर, कलंक की दिखी पूरी छवि

 



डिजिटल रिव्यू: गंगूबाई काठियावाड़ी (टीजर)

कलाकार: आलिया भट्ट, अजय देवगन,  विक्रांत मेसी 

निर्देशक: संजय लीला भंसाली

बैनर: भंसाली प्रोडक्शन, पैन मूवीज


संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) की बहुप्रतीक्षित फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी का टीजर रिलीज हो चुका है। लीड रोल में हैं आलिया भट्ट, फिल्म में अजय देवगन भी हैं लेकिन टीजर में उनकी झलक नहीं दिखाई गई है। जिस जोर शोर से इस फिल्म के बारे में बातें की जा रहीं थीं उस लिहाज से 'खोदा पहाड़ निकली चुहिया' जैसा मामला नजर आता है। टीजर की शुरुआत होती है बैकग्राउंड में चल रही आवाज से... 'कमाठीपुरा में कभी रात नहीं होती क्योंकि वहां गंगू रहती है, गंगू चांद थी और चांद ही रहेगी..


सबसे पहले बात कर लेते हैं उस शख्स की जिसपर ये फिल्म बनाई गई है। फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ कहानी है मुंबई के कमाठीपुरा इलाके में कोठा चलाने वाली एक दिलेर औरत की जिसकी पहुंच मुंबई के उस वक्त के डॉन करीम लाला तक थी। यह कहानी गुजरात की एक भोली सी लड़की के माफिया क्वीन गंगूबाई काठियावाड़ी बनने तक की है। गंगूबाई ने सेक्स वर्कर्स के लिए बहुत काम किया। मुंबई के आजाद मैदान में दिए एक भाषण में उन्होंने कहा था कि अगर कमाठीपुरा की औरतें न हों, तो मुंबई की सड़कें औरतों के लिए असुरक्षित हो जाएंगी। टीजर में आजाद मैदान की झलक भी दिखाई गई है।

अब आते हैं टीजर में दिखी आलिया की झलक पर। देवदास में ऐश्वर्या, माधुरी और पद्मावत में दीपिका ने जो तिलिस्म दिखाया था गंगूबाई में आलिया के होने की वजह से ये तिलिस्म गायब है। टीजर के साथ समस्या ये है कि दर्शक गंगूबाई और आलिया को आपस में कनेक्ट नहीं कर पाते। आलिया के चेहरे से बचपना झलक रहा है। वे इस रोल के लिए फिट नहीं दिखतीं। 

सिनेमैटोग्रफी का इस्तेमाल फिल्म में आलिया भट्ट को सुंदर दिखाने के अलावा और कहीं दिखाई नहीं देता। सुंदरता और भव्यता पर सारा फोकस रखने के चक्कर में लगता है भंसाली ने फिल्म की कहानी पर कम ध्यान दिया है। ऐसा लग रहा है मानों संजय लीला भंसाली ने करण जौहर की फ्लॉप फिल्म कलंक को कॉपी करने की कोशिश की है।

संजय लीला भंसाली, आलिया में वो रौब नहीं उभार पाए हैं जिस तरह का रौब गंगूबाई के बारे में बताया जाता है। कुल मिलाकर सबकुछ फेक लगता है। किसी के जीवन पर बनी फिल्म को दर्शक तब तक देखना पसंद नहीं करते हैं जब तक कलाकार उसके पूरे हाव भाव को खुद में उतार न लें। सिनेमा और दर्शक का रिश्ता भी बहुत नाजुक होता है, वह निभाना नहीं चुकाना पड़ता है। भंसाली यहां पर चूक गए हैं। वे 'हम दिल दे चुके सनम' से लेकर 'पद्मावत' तक बड़े पर्दे पर सिनेमा का जो तिलिस्म गढ़ चुके हैं, गंगूबाई उसके आस पास की फिल्म भी नहीं लगती है।

फिल्म का टीजर बताता है कि फिल्म बहुत भव्य है। बॉक्स ऑफिस के लिहाज से ये कितनी भव्य फिल्म होने वाली हैं इसका जवाब तो 30 जुलाई को ही मिलेगा। अजय देवगन और फिल्म में बाकी के किरदारों की झलक सामने आनी अभी बाकी है।



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