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Ok Computer Trailer Review: ‘वांडा विजन’ काल में ‘शक्तिमान’ सी सीरीज लाई डिजनी प्लस की भारतीय टीम

 




डिजिटल रिव्यू: ओके कंप्यूटर (ट्रेलर)

सृजनकर्ता: आनंद गांधी

कलाकार: विजय वर्मा, राधिका आप्टे, जैकी श्रॉफ आदि।

ओटीटी: डिज्नी प्लस हॉटस्टार

रेटिंग: *


डिज्नी प्लस हॉटस्टार के दर्शक अभी तक मार्वेल की वेब सीरीज ‘वांडा विजन’ के फिनाले को लेकर बन रही कहानियां में ही अटके हैं। उनको अब इंतजार मार्वेल की ही अगली सीरीज ‘द फाल्कन एंड द विंटर सोल्जर’ का भी है। इन दोनों सीरीज से भारतीय दर्शकों के बीच चर्चा बटोर रहे ओटीटी डिज्नी प्लस हॉटस्टार ने अपने ग्राहकों को एकदम से नेटफ्लिक्स जैसा झटका दिया है। ओटीटी की नई भारतीय सीरीज ‘ओके कंप्यूटर’ का ट्रेलर देख साइंस फिक्शन के शौकीनों ने अपना सिर पकड़ लिया।

वेब सीरीज ‘ओके कंप्यूटर’ कहने को ‘शिप ऑफ थीसियस’ और ‘तुम्बाड’ जैसी फिल्मों से जुड़े रहे आनंद गांधी और उनकी टीम की कलाकारी है। लेकिन, कम से कम ट्रेलर देखकर तो यही लगता है कि इस टीम को ओटीटी पर भारतीय दर्शकों की पसंद के स्तर का अंदाजा ही नहीं है। पाषाण युग की भावनाएं, औद्योगिक युग के संस्थान एवं अंतरिक्ष युग की प्रौद्योगिकी के कॉकटेल से बनी इस तीस साल पहले के दूरदर्शन जैसी सीरीज का ट्रेलर ही पूरा देखना अपने आप में चुनौती है। सीरीज की बात तो खैर इसके रिलीज होने के बाद ही की जाएगी।

नेटफ्लिक्स से विदा हो चुकीं राधिका आप्टे अरसे बाद किसी ओटीटी पर दिखी हैं। कहानी का फोकस इस बार उन पर है भी नहीं। जैकी श्रॉफ आर्किमिडीज जैसे यूरेका वाली क्षणिक उत्तेजना में दिखते हैं। विजय वर्मा फिर एक बार ऐसा किरदार करते दिख रहे हैं, जो उनकी बनी बनाई ब्रांड वैल्यू को पलीता लगाने के लिए काफी है।

डिज्नी प्लस हॉटस्टार के मुताबिक, आनंद गांधी, पूजा शेट्टी और नील पागेदार की इस छह एपिसोड वाली सीरीज में 2031 की कहानी है। यहां पहली बार होमो सेपियंस रोबो सेपियंस से मिलते हैं। कहानी ये है कि गोवा में एक स्वचालित टैक्सी एक इंसान को कुचल देती है, जिससे उसकी मौत हो जाती है। अधिकारियों के सामने अब सवाल ये है कि इसका दोष किसको दिया जाए?

ट्रेलर देखकर संकेत ये भी मिलता है कि ये शायद कोई फीचर फिल्म है जो अरसे से रिलीज की राह तकती रही है और अब ओटीटी की हर महीने फीस चुकाने वाले ग्राहकों के गले टुकड़ों में सरकाई जा रही है। एक ही ओटीटी पर एक तरफ ‘वांडा विजन’ और दूसरी तरफ ‘ओके कंप्यूटर’ देखकर इसकी भारतीय क्रिएटिव टीम पर तरस ही खाया जा सकता है। ‘ओके कंप्यूटर’ की मेकिंग ‘शक्तिमान’ के दिनों की याद दिलाती है हालांकि उसके भी वीडियो इफेक्ट्स इससे बेहतर थे।



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