डिजिटल रिव्यू: तूफान (टीजर)
कलाकार: फरहान अख्तर, मृणाल ठाकुर, परेश रावल आदि।
लेखक: अंजुम रजबअली और विजय मौर्या
निर्देशक: राकेश ओमप्रकाश मेहरा
ओटीटी: प्राइम वीडियो
रेटिंग: ***1/2
‘ये हीरा मोती नहीं है, ये तूफान है!’, बॉक्सिंग कोच बने परेश रावल का ये जवाब फिल्म ‘तूफान’ के ढाई मिनट के टीजर के आखिर में उस सवाल के जवाब में आता है जब बॉक्सिंग रिंग को अपनी चमक दिखाने वाले अज्जू भाई को लेकर सवाल पूछा जाता है, ‘कहां से लाए ये हीरा?’ फरहान अख्तर की फिल्म ‘तूफान’ साल भर से तैयार पड़ी रही है। वह खुद फिल्म के निर्माता भी है। उनकी कंपनी साउथ की फिल्म ‘केजीएफ 2’ थिएटर में रिलीज करने का दांव खेलने को तो तैयार है लेकिन गली कूचों के शोहदों को जिंदगी के असली मायने सिखा सकने वाली उनकी अपनी ही कंपनी की फिल्म ‘तूफान’ सीधे ओटीटी पर रिलीज होने जा रही है।
फिल्म ‘तूफान’ हालांकि मई के तीसरे शुक्रवार को रिलीज होने की तैयारी में हैं, और आमतौर पर किसी फिल्म का टीजर या ट्रेलर रिलीज से महीना भर पहले ही सामने आता है, लेकिन यहां कहानी कुछ और है। फिल्म की हीरोइन एक सीन में हीरो को अपनी दो अंगुलियां दिखाकर पूछती है, ‘ये अज्जू भाई और ये अजीज अली बॉक्सर, तुम्हें क्या बनना है?’ फिल्म का टीजर रिलीज होने से पहले ये खबर उड़ी थी कि प्राइम वीडियो इस फिल्म में फरहान के किरदार का नाम बदलना चाहता है क्योंकि वह फिल्म में मृणाल ठाकुर के किरदार और बॉक्सर के बीच प्रेम कहानी को लेकर कोई नया विवाद नहीं चाहता। पर, टीजर ने साफ कर दिया है कि ऐसा कुछ होने वाला नहीं। हालांकि, कुछ उत्साही विकीपीडिया एडीटर्स ने फिल्म के पेज पर फरहान के किरदार का नाम शौर्य दीवान कर दिया है।
फिल्म का टीजर शुरू होता है अभिनेता विजय राज की बंटे जैसी बाहर निकली आंखों और उनकी सर्द आवाज के साथ, ‘अपना तो काम ही खौफ का है, आंख में देखो तो सामने वाला **** देना चाहिए।’ अरसे से गुंडों की मर्दानगी इसी से नपने से नापी जाती रही है। अज्जू भाई भी बोलता है, ‘फोड़ाफोड़ी होती है ना वो एकदम करीब है अपने’। मसाला सारा है फिल्म में। हीरो डोंगरी का गुंडा। हीरोइन उसका हृदय परिवर्तन कराने वाली। और, कोच परेश रावल जैसा। पहली नजर में आपको सिल्वेस्टर स्टैलोन की फिल्म ‘रॉकी’ की झलक इस टीजर में दिख सकती है। वैसी ही कहानी। मोहम्मद अली का पोस्टर भी है एक सीन में। बॉक्सर चक वेपनर याद है आपको? मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म ‘बॉक्सर’ की भी यादें इस टीजर को देखकर ताजा हो सकती हैं।
फिल्म ‘तूफान’ के निर्देशक वही राकेश ओमप्रकाश मेहरा हैं जिन्होंने फरहान को ही लेकर आठ साल पहले ‘भाग मिल्खा भाग’ बनाई और हिंदी सिनेमा में बायोपिक सिनेमा की नई लहर को जन्म दिया। हिंदी सिनेमा में बनी ये बेहतरीन स्पोर्ट्स बायोपिक मानी जाती है, हालांकि इसी फिल्म से बायोपिक में मसालों की मिलावट भी शुरू होती है। ‘तूफान’ राकेश का लिटमस टेस्ट है। बतौर निर्देशक उनकी पिछली दो फिल्में ‘मिर्ज्या’ और ‘मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर’ उनकी फिल्मों ‘रंग दे बसंती’ और ‘भाग मिल्खा भाग’ का पसंघा भी नहीं रही हैं। लेकिन, फिल्म में अंजुम रजबअली जैसे काबिल राइटर का लिखा बेहतर करने के लिए विजय मौर्या की मदद लेनी पड़ी है, ये बात चौंकाने वाली है।
टीजर में अभिनेता परेश रावल को देखना सुखद है। उनके जैसे बेहतरीन कलाकार को कैमरे के सामने ही ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताना चाहिए। मृणाल ठाकुर की मौजूदगी टीजर में ताजगी का एहसास देती है। फिल्म की मेकिंग मजबूत दिख रही है। डॉयलॉग भी करंट लिए हुए हैं। फिल्म की पृष्ठभूमि डोंगरी है तो जाहिर है इसकी कहानी में वे सारे तत्व दिखेंगे जो मौजूदा माहौल के हिसाब से तमाम लोगों की त्यौरियां चढ़ाने का कारण बन सकते हैं। शायद यही वजह रही होगी कि फिल्म की रिलीज से ढाई महीना पहले ये टीजर रिलीज कर प्राइम वीडियो ने लोगों के मन कीथाह लेने की ठानी हो।

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